किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा-चौधरी ऋषिपाल अंबावता
भारतीय किसान यूनियन अंबावता का राष्ट्रीय अधिवेशन एवं चिंतन शिविर आयोजित
अलकनंदा मैदान पर आयोजित भारतीय किसान यूनियन अंबावता के राष्ट्रीय अधिवेशन एवं चिंतन शिविर के दूसरे दिन किसानों को संबोधित करते हुए यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और किसान ही देश का असली राजा है। किसान कर्ज के बोझ तले दबा जा रहा है। महंगी खाद और बिजली के चलते खेती करना मुश्किल हो गया है। समस्याओं के समाधान के लिए किसान लगातार आवाज उठा रहे हैं। लेकिन सरकार पर कोई असर नहीं हो रहा है। चौधरी ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि सरकार गैस और तेल के दाम लगातार बढ़ा रही है। लेकिन किसानों को फसलों पर एमएसपी देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि भाकियू अंबावता का किसी पार्टी से कोई लेना देना नही है। देश का किसान ही हमारी पार्टी और नेता है। किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए तो दिल्ली में जंतर मंतर पर आंदोलन किया जाएगा। सरकार एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी देकर अपने वादे को पूरा करे। अंबावता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत उनके आदर्श हैं। स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह और स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत के दिखाए मार्ग पर चलते हुए किसानों के हितों के लिए संघर्ष निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की सुध नहीं ली गयी तो 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा का विरोध किया जाएगा और किसानों के हितों के लिए भारतीय किसान यूनियन अंबावता किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी। उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चौधरी और अन्य प्रदेशों से आए किसान नेताओं ने भी अधिवेशन को संबोधित किया। अधिवेश का संचालन राष्ट्रीय महासचिव रामपाल सिंह अंबावता ने किया। प्रवीन अंबावता, उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी सचिन चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र प्रधान, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष दिलबाग हुड्डा, हरियाण प्रभारी चुहड़ सिंह रावत, रमन पंवार, नसीर खान, परशुराम प्रधान, तौफीक, रामानुज सिंह, सुभाष चौधरी, रविंद्र प्रधान, धीरेंद्र रावत, अमृत सिंह, अशोक मिश्रा, महीपाल सिंह, नीलकमल पांडे आदि पदाधिकारियों सहित हजारों की संख्या में किसान मौजूद रहे।












