डिग्री कॉलेज भूपतवाला की बदहाल स्थिति पर छात्र संघ अध्यक्ष ने जताया रोष, एक सप्ताह का दिया अल्टीमेटम
स्थायी भवन, पीजी कोर्स की मान्यता और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग, मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
हरिद्वार। गवर्मेंट डिग्री कॉलेज भूपतवाला के छात्र संघ अध्यक्ष सनी शर्मा ने महाविद्यालय की बदहाल स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कॉलेज की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सनी शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 2021 में हुई थी, लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी कॉलेज अपने स्थायी भवन से वंचित है और वर्तमान में बीग्मानन्द आश्रम में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है। यहां न तो कक्षाओं के संचालन के लिए उचित एवं स्वच्छ कमरे उपलब्ध हैं और न ही कार्यालय के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। महाविद्यालय के 300 से अधिक छात्र-छात्राएं टिन शेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिसर में लाइब्रेरी, प्रयोगशाला और स्वच्छ शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। विशेषकर छात्राओं को शौचालय की उचित व्यवस्था न होने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा परिसर में जंगली बंदरों और लंगूरों के आतंक के चलते छात्र-छात्राओं की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है।
सनी शर्मा ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र के माध्यम से मांग की है कि महाविद्यालय को जल्द से जल्द स्थायी भवन उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की मान्यता दिलाने तथा कॉलेज में लाइब्रेरी, लैब, स्वच्छ शौचालय और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो छात्र संघ छात्र-छात्राओं के भविष्य और उनके अधिकारों को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
एबीवीपी सनी शर्मा छात्रसंघ अध्यक्ष , परी श्रीवास्तवा उपाध्यक्ष, पारस कश्यप महासचिव, दिव्या पांडेय कोषाध्यक्ष
इस अवसर पर योगिता भट्ट, भूमि भट्ट, सृष्टि भट्ट, पलक शर्मा, मुस्कान चौधरी, अजय सिंह, मानसी चौधरी, विवेक सहित अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।












