निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी व अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी से मिले श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के संत
अखाड़े के नकली देवता बनाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की
नकली देवता बनाना सनातन का अपमान, जांच के बाद होगी कार्रवाई-श्रीमहंत रविंद्रपुरी
श्री पंचायती पंचायती अखाड़ा नया उदासीन पंजाब गुट के संतों ने अखाड़े के सचिव महंत गणेश दास के नेतृत्व में श्री दक्षिण काली मंदिर में निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी से मिलकर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मुलाकात के दौरान सचिव महंत गणेश दास ने बताया कि श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के कुछ संतों ने नकली देवता बना लिए हैं। जबकि असली देवता उनके पास हैं। प्रयागराज कुंभ में भी नकली देवताओं को स्नान कराया गया। उन्होंने कहा कि अखाड़े की संपत्ति को खुर्दबुर्द करने और अन्य अनियमितताओं का विरोध करने पर नियमों का उल्लंघन कर कई महंतों को अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी और अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज से पूरे प्रकरण की जांच कराने का अनुरोध किया और कहा कि अदालत में भी लड़ाई लड़ रहे हैं। जरूरत हुई तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि अखाड़े के नकली देवता बनाना सनातन का अपमान और जालसाजी है। इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी दस से पन्द्रह दिनों के भीतर रिपोर्ट दे देगी। जिनके पास असली देवता होंगे। उन्हें अखाड़ा परिषद में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा भी जांच की जा रही है। जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने अखाड़े से संतों के निष्कासन को भी गलत बताया और कहा कि पीड़ित संतों को न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा दोनों राज्यों के डीजीपी से मिलकर संतों को सुरक्षा देने की मांग भी करेंगे। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि पूरी निष्पक्षता से समयबद्धता के साथ जांच पूरी की जाए। असली नकली देवता की भी जांच हो। जांच में भी तथ्य सही पाएं जाएंगे। उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान श्री पंचायती अखाड़ा उदासीन के महंत रमन मुनि, महंत दयाल दास, बाबा भरपूर दास, बाबा बेंट दास, चेतन दास, बसंत दास, सुखदेव प्रकाश, भगवान दास, केशव दास, केवल दास, महंत शिवानंद, उत्तम दास, सुखदास, रतन दास व श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के महंत रमन मुनि सहित बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे।
गौरतलब है कि रविवार को भी श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के पंजाब से आए संतों ने अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज और महामंत्री श्रीमहंत हरी गिरी के साथ बैठक कर जांच और कार्रवाई की मांग की थी। बैठक में श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी और श्रीमहंत हरी गिरी ने संतों को अपना संघर्ष जारी रखने और अखाड़ा परिषद की और नासिक व प्रयागराज में सरकार के समक्ष उनका पक्ष रखने का आश्वासन दिया था।












