भारतीय जागरूकता समिति ने सेमिनार का आयोजन कर छात्र-छात्राओं को दी कानून और नियमों की जानकारी
भारतीय जागरूकता समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं पुलिस की और से ओलिविया इंटरनेशनल स्कूल में विधिक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर, भारतीय जागरूकता समिति के अध्यक्ष हाईकोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी, सीपीयू इंस्पेक्टर नीरज, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र पवार तथा राजकुमार राजेश्वरी ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नशे की लत एवं उसके दुष्प्रभाव, यातायात नियम, साइबर क्राईम तथा अन्य कानूनी जानकारियों से अवगत कराया। एडवोकेट ललित मिगलानी ने बताया कि नशे की शुरुआत एक शौक से होती है। शौक के रूप शुरू किया गया नशा आगे चलकर स्वयं के साथ परिवार को भी बरबाद कर देता है। कानून में नशा खरीदना, बेचना और रखने पर 20 वर्ष से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। इसलिए नशे से दूर रहंे ओर स्वस्थ रहें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरन जीत कौर ने पाक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि किसी अपने या अन्य वयस्क व्यक्ति द्वारा नाबालिग बच्चों चाहे वह लड़का हो या लड़की के साथ अगर अमानवीय व्यवहार किया जाता है, तो पोक्सो एक्ट के अंतर्गत अपराध होगा। जिसमें उम्र कैद तक की सजा प्रावधान है। सीपीयू इंस्पेक्टर नीरज ने ट्रैफिक नियमों, सिग्नल, रोड़ साइन आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी ओर बच्चों से बिना लाइसेंस वाहन ना चलाने की अपील की। उन्होंने सरल भाषा में लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित और जिम्मेदारी पूर्वक उपयोग करने, साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करने के साथ कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों की भी जानकारी दी गयी। विद्यालय के प्रधानाचार्य कुरियन एंटनी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया ओर कहा कि जागरूकता और सही जानकारी ही युवाओं को नशे, अपराध तथा अन्य सामाजिक बुराइयों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कानून का सम्मान करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।

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