सनातन धर्म संस्कृति विश्व की सबसे महान संस्कृति है-स्वामी सहजानंद पुरी
समारोह पूर्वक मनाया गया श्री अद्धैत स्वरूप अनमोल आश्रम का वार्षिकोत्सव
हरिद्वार, 25 मई। राजनगर ज्वालापुर स्थित श्री अद्वैत स्वरूप अनमोल आश्रम का वार्षिकोत्सव संत महापुरूषों के सानिध्य व श्रद्धालु भक्तों की मौजूदगी में समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित संत समागम की अध्यक्षता करते हुए आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी सहजानंद पुरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति विश्व की सबसे महान संस्कृति है। सनातन धर्म संस्कृति की पताका को पूरे विश्व में फहराने में संत समाज की अहम भूमिका है। स्वामी सहजानंद पुरी महाराज ने कहा कि गुरूजनों से प्राप्त ज्ञान और शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए आश्रम के सेवा प्रकल्पों को आगे बढ़ाना ही उनके जीवन का लक्ष्य है। महामंडलेश्वर स्वामी आदियोगी पुरी महाराज ने कहा कि अद्धैत स्वरूप अनमोल आश्रम सेवा और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। महामंडलेश्वर स्वामी सहजानंद पुरी महाराज जिस प्रकार जरूरतमंदों की सेवा कर रहे हैं। वह सभी के लिए अनुकरणीय है। स्वामी रविदेव शास्त्री महाराज ने कहा कि परोपकार और सेवा संतों का प्रमुख गुण है। महामंडलेश्वर स्वामी सहजानंद पुरी महाराज संत परंपरांओं का पालन करते हुए सनातन धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन में उल्लेखनीय योगदान कर रहे हैं। स्वामी हरिहरानंद, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, स्वामी दिनेश दास, स्वामी ज्योर्तिमयानंद, स्वामी नागेंद्र महाराज, स्वामी विपनानंद, स्वामी सोहमानंद परमहंस ने भी संत समागम को संबोधित किया। अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय के महामंत्री सुनील त्यागी, वीरेश त्यागी, महासभा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अशोक त्यागी, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष संजीव राणा, वार्ड पार्षद अनुज सिंह ने सभी संत महापुरूषों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।

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