श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शांतिकुंज के मुख्य सभागार में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। देश-विदेश से आए हुए साधकों, शांतिकुंज परिवार एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार ने भाग लेकर कृष्णमय वातावरण में डूबकर भक्ति का आनंद लिया।

अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी एवं श्रद्धेया शैलदीदी ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण धर्म, कर्म और प्रेम से भर देने वाले दिव्य अवतार हैं। उनकी लीलाएं हमें जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन, प्रेम और निष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देती हैं। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति और युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि कृष्ण की भक्ति युवाओं को आत्मिक ऊर्जा देती है। आज की पीढ़ी यदि श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में उतार ले, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत कृष्ण भक्ति से ओतप्रोत भजनों के साथ हुई, जिनमें उपस्थित जनसमूह झूम उठा। जन्माष्टमी पर्व के वैदिक कर्मकाण्डों का आयोजन भी विधिवत् रूप से संपन्न हुआ। इस दौरान श्री श्याम बिहारी दुबे ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं, माखनचोरी, गोवर्धन लीला, रासलीला आदि का भावपूर्ण एवं जीवंत प्रस्तुतीकरण किया। पूरे शांतिकुंज परिसर में भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा को अनुभव किया गया। सभी ने मिलकर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जैसे अनेक भजनों के साथ भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण का स्वागत किया।

4 Comments

  1. Thank you for your sharing. I am worried that I lack creative ideas. It is your article that makes me full of hope. Thank you. But, I have a question, can you help me?

  2. Your article helped me a lot, is there any more related content? Thanks!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *