बस अड्डे को शहर से बाहर शिफ्ट करने के प्रस्ताव के विरोध में सड़क पर उतरे व्यापारी
हरिद्वार की वास्तविक स्थिति का ज्ञान नही ंरखने वाले अधिकारी व जनप्रतिनिधि करते हैं तोड़फोड़ का समर्थन-संजय त्रिवाल
हरिद्वार, 3 सितम्बर। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित महायोजना 2041 के अंतर्गत बस अड्डे को शहर से बाहर ले जाए जाने के विरोध में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने अपर रोड़ पर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री संजय त्रिवाल ने कहा कि हरिद्वार पोराणिक तीर्थ स्थल है। हरिद्वार की भौगोलिक परिस्थितियां बिल्कुल अलग है। हरिद्वार के बाजार व गलियों से प्रशासन के आंकड़े जाते हैं। प्रतिवर्ष 12 दिन चलने वाले कावड़ मेले मे लगभग 4 करोड़ यात्री हरिद्वार से जल भरकर जाते हैं। संजय त्रिवाल ने आरोप लगाया कि हरिद्वार की वास्तविक स्थिति का ज्ञान नहीं रखने वाले प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि विकास के नाम पर तोड़फोड़ का समर्थन करते है।ं हरिद्वार की कहावत है कि रात्रि में हरिद्वार में पत्थर यात्री बन जाते हैं। शाम आते ही दो पत्थर में बदल जाते हैं, यानी कि भीड़ एकदम आती है तथा स्नान कर लौट जाती है। उन्होंने कहा कि बस अड्डे को बाहर ले जाने के बजाए हरिद्वार में व्यवस्था बनाने की आवश्यकता है। सरकारी जमीनों पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर भूमि मेला प्राधिकरण के सुपुर्द की जाए।
संरक्षक तेजप्रकाश साहू ने कहा कि अंग्रेजी शासन में जनता की सुविधा के लिए सभी शहरों में बस अड्डा व रेलवे स्टेशन आमने-सामने बनाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक लोगों की नजर बस अड्डे की बेशकीमती जमीन पर है। इसलिए वे नहीं चाहते कि बस अड्डा शहर में रहे। रेलवे स्टेशन को भी पथरी ले जाने की तैयारी चल रही है। वहां निर्माण कार्य भी जारी है। तेज प्रकाश साहू ने कहा कि बस अड्डे के आसपास मौजूद सरकारी कार्यालयों को शहर से बाहर शिफ्ट कर खाली जमीन को बस अड्डे में मिलाया जाए। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे को जोड़ने के लिए 50 मीटर चौड़ा फलाईओवर बनाया जाए। नगर निगम की जमीनों से कब्जे हटाए जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हरिद्वार को उजाड़ने की सोच नहीं बदल गयी तो व्यापारी उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ी तो व्यापारी जेल भरो आंदोलन, धरना प्रदर्शन व अनिश्चितकालीन बाजार बंद करेंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब वोट से देंगे।
प्रदर्शन करने वालों में सूरज केशवानी, गगन गूगनानी, अजय रावल, सुनील कुमार, पवन सुखीजा, दिनेश साहू, विजय शर्मा, मनीष सिंघल, मुन्ना विश्वास, मोहनदास गोस्वामी, राजेश अग्रवाल, गोपाल गोस्वामी, धर्मेंद्र गुप्ता, सुरेश शाह, राजू पंडित, राजू राजपाल, संजय मल्होत्रा, विशाल महेश्वरी, अमन कुमार, अंकुर सिंघल, अचिन त्याही, नीतिश कुमार आदि व्यापारी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
2025-09-03













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