JITO के उत्तराखंड प्रभाग की स्थापना हरिद्वार में सफलतापूर्वक हुआ संपन्न
जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) के उत्तराखंड प्रभाग का स्थापना समारोह हयात प्लेस हरिद्वार में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जैन समाज के दर्शन से प्रेरित यह संस्थान JITO, विश्वपटल पर सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
JITO का उत्तराखंड प्रभाग संस्था के नार्थ ज़ोन का विस्तारीकरण है जिसके प्रमुख लक्ष्यों में प्रदेश की आर्थिक सृदृढ़ता सामाजिक उत्थान व सेवा है। स्थापना समारोह में वरिष्ठ उद्योगपति व समाज सेवी श्री संदीप जैन को JITO उत्तराखंड के अध्यक्ष पद के लिए शपथ दिलाई गयी जो कि एकम्स ड्रग्स एवं फार्मास्युटिकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। पीयूष जैन मैनेजिंग डायरेक्टर, रैपिडोमिक्स इंडस्ट्रीज को उपाध्यक्ष पद के लिए व श्नितिन जैन मैनेजिंग डायरेक्टर, ड्रीमक्राफ्ट इन्फोमैटिक्स ने मुख्य सचिव के पद के लिए शपथ ली।

JITO के उत्तराखंड प्रभाग की स्थापना के साथ-साथ महिला विंग व यूथ विंग की स्थापना भी की गयी है जिसमें महिला विंग की अध्यक्षा पद की शपथ श्रीमती अर्चना जैन ने ली है जोकि एकम्स हेल्थ एंड एजुकेशनल सोसाइटी का प्रतिनिधित्व करती हैं, वहीँ यूथ विंग के अध्यक्ष पद की शपथ सौरभ जैन डायरेक्टर, दून किचेंस को दिलाई गयी।

उत्तराखंड JITO के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संदीप जैन जी ने अपने व्यक्तव्य में कहा JITO केवल संगठन नहीं, एक विचार है, यहाँ नैतिकता के साथ आर्थिक उन्नति, समर्पण के साथ सेवा एवं लोकहित को ध्यान में रखकर विनम्रता एवं ज्ञान के साथ व्यापार को सदृढ़ बनाने के प्रयास किये जाते हैं। हम सभी निर्वाचित सदस्यों का यही प्रयास रहेगा की राष्ट्रनिर्माण व लोक-कल्याण की भावना के साथ अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का पालन करें और समाज में नए अवसरों का निर्माण सुनिश्चित करें।
उपाध्यक्ष पीयूष जैन ने स्पष्ट किया कि JITO किसी एक वर्ग या व्यवसाय का मंच नहीं है, बल्कि मूल्यों पर आधारित नेतृत्व आंदोलन है। समाज में सात्विकता और पवित्रता के साथ व्यापार को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाना है और इसी दिशा में हम सभी प्रयासरत रहेंगे।
विश्व चेतना के उद्देश्य से ओत-प्रोत JITO सम-भावना के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व व नैतिक मूल्यों पर आधारित उद्यमिता को अपना समर्थन प्रदान करती है| JITO संस्था के प्रमुख उद्देश्य हैं – आर्थिक सशक्तिकरण, ज्ञान का विस्तार व सेवा का समर्पण, और यही सोच संस्था को सशक्त बनाती है| संस्था की आधारशिला Learn (सीखना), Earn (अर्जित करना), व Return (वापिस करना) जैसे नैतिक स्तम्भों पर रखी गयी है जो समाज को तो उन्नत बनाते ही हैं बल्कि देश की प्रगति में भी सहायक सिद्ध होते हैं|
उद्यमिता को साधन बनाकर शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप समर्थन, स्वास्थ्य और समाजसेवा में ठोस योगदान देना ही JITO की पहचान है। उत्तराखंड जैसे आध्यात्मिक और प्राकृतिक संपदा से समृद्ध राज्य में JITO की भूमिका केवल व्यापारिक नेटवर्किंग तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह ‘वैल्यू बेस्ड ग्रोथ मॉडल’ का उदाहरण बनेगा – जहाँ निर्णय लाभ से नहीं, विवेक से लिए जाएंगे।
स्थापना समारोह के दौरान उद्योग, निवेश, स्टार्टअप सहयोग, युवा उद्यमिता और सामाजिक परियोजनाओं को लेकर स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया गया। समापन पर सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि JITO उत्तराखंड को मूल्य, विकास और विश्वसनीयता का राष्ट्रीय मॉडल बनाया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्लैटिनम एवं गोल्ड स्पॉन्सर्स के योगदान को भी सराहा गया। इस प्रमुख अवसर पर JITO एपेक्स के श्री पृथ्वीराज कोठारी (चेयरमैन), श्री ललित डांगी (सेक्रेटरी जनरल) एवं श्री नरेंद्र समर (स्पेशल इनवाइटी, एपेक्स वर्किंग कमेटी), साथ ही JITO नॉर्थ ज़ोन से श्री रमन जैन (डायरेक्टर एपेक्स एवं चेयरमैन, नॉर्थ ज़ोन), श्री राजकुमार जैन एवं श्री पारसमल जैन (वाइस चेयरमैन) तथा श्री अर्पित जैन जी, जॉइंट सेक्रेटरी, श्री अभिषेक वैद्य जी (एक्स-ट्रेजरर), व सुश्री सुरभि जैन, कन्वेनर लेडीज़ विंग की स्थापना कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति रही|
जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) उद्यमियों द्वारा संगठित एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है जो की जैन धर्म के सिद्धांतों पर चलते हुए आर्थिक उन्नति, ज्ञान व सेवा के समर्पण के लिए प्रतिबद्ध है| JITO के साथ 20,000 से ज़्यादा पंजीकृत सदस्य (उद्यमी) जुड़े हुए हैं साथ ही संस्था भारत में नए कंपनी एक्ट 2013 में सेक्शन 8 के अंतर्गत रजिस्टर्ड है| संस्था का कुल कार्पस 1700 करोड़ से ज्यादा है और संस्था की संरचना 48 बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की देख-रेख में होती है और सभी हर 2 साल में पुनर्गठित किये जाते हैं| कॉमर्स एवं इंडस्ट्री के एक प्रमुख पहलू के रूप में संस्था की रजिस्टर्ड बिल्डिंग – JITO हाउस मुंबई के अंधेरी (पूर्व) में स्थित है| JITO का उत्तराखंड प्रभाग, संस्था के नार्थ ज़ोन का विस्तारीकरण है, अब तक भारत में 87 प्रभाग सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं, साथ ही अंतर्राष्ट्रीय पटल पर 32 प्रभाग कार्यरत हैं|












