जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) की बैठक संपन्न

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने के निर्देश

ओवरस्पीडिंग, नशे में वाहन संचालन व ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बढ़ेगी

   अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) की बैठक जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), लोक निर्माण विभाग (PWD), शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
     बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि जनवरी से मई 2026 की अवधि में कुल 52,736 चालान किए गए तथा 2,882 वाहन सीज किए गए। इसी अवधि में परिवहन विभाग द्वारा 30,519 चालान किए गए तथा 2,110 वाहन सीज किए गए।
  पुलिस विभाग ने यह भी जानकारी दी कि नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए 158 चालान किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में तेज गति (ओवरस्पीडिंग) एवं शराब का सेवन कर वाहन संचालन शामिल हैं। इन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु सड़क सुरक्षा कोष से अल्कोमीटर क्रय कर परिवहन एवं पुलिस विभाग को उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे प्रवर्तन कार्यवाही और अधिक सुदृढ़ की जा सके।
  बैठक में अपर जिलाधिकारी द्वारा परिवहन एवं पुलिस विभाग को ओवरलोडिंग,वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग,सीट बेल्ट का उपयोग न करना तथा ओवरस्पीडिंग के विरुद्ध कार्रवाई और अधिक सख्ती से करने के निर्देश दिए गए।
   बैठक में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदान किए जाने वाले मुआवजा एवं राहत प्रकरणों की समीक्षा भी की गई। अपर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को अनुमन्य सहायता एवं मुआवजा राशि समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
   उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स पर परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, NHAI एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा संयुक्त सर्वेक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
    अपर जिलाधिकारी द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि आगामी जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, जिससे सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सहायता, गोल्डन ऑवर प्रबंधन एवं आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की प्रभावी समीक्षा की जा सके।

बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों एवं प्रवर्तन कार्यवाहियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए, जिससे जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

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