भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह का राष्ट्रीय चिंतन शिविर आयोजित
किसानों के अधिकारों के लिए आंदोलन और संवाद जारी रहेगा-धर्मेंद्र चौधरी
भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के जयपुरिया धर्मशाला भूपतवाला में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन देशभर से बड़ी संख्या में किसान, पदाधिकारी और संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए। शिविर में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय चिंतन शिविर में किसान नेताओं और पदाधिकारियों ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों, किसानों की समस्याओं तथा उनके समाधान को लेकर अपने विचार रखे। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, फसलों के उचित दाम, सिंचाई व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता और किसान हितों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही संगठन के विस्तार, किसान एकता को मजबूत करने और आने वाले समय में किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर भी मंथन हुआ। किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान और उनकी आवाज को मजबूती से उठाने के लिए ऐसे चिंतन शिविर बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि किसान हितों की रक्षा के लिए संगठन लगातार संघर्षरत है और भविष्य में भी किसानों के अधिकारों के लिए आंदोलन और संवाद दोनों स्तरों पर प्रयास जारी रहेंगे। भारतीय मनु संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मन्नू तोमर ने कहा कि तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और भविष्य की रणनीतियों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान हित ही राष्ट्र हित है और किसान एकता ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है। इस दौरान संतोष शाह, सत्यवीर सिंह, रवेन्द्र चौबे, सीमा शर्मा, हिमांशु त्यागी, मेंबर सिंह रावत, फौरन सिंह रावत, अमर नोहवाऱ, धर्मेंद्र तोमर, नरेंद्र गुर्जर, अमित चौधरी, निधिराज यादव़, सुनीत चौधरी़, रामगोपाल बघेल, निर्मला ठाकुर, आसिफ खान, कुलदीप त्यागी, राहुल शर्मा, पूजा, संगीता देवी, महेंद्र सिंह, केपी सिंह ठेनुआ, कृपाल सिंह, अनीता मित्तल सहित भारी संख्यास में किसान मौजूद रहे।

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