स्वास्थ्य क्षेत्र में स्मार्ट ई हेल्थ और ई लर्निंग प्रोग्राम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को एम्स ऋषिकेश में दो दिवसीय सम्मेलन का आगाज हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव मधुकर कुमार भगत ने कहा कि आने वाला समय ई हेल्थ तकनीक का है और भविष्य में सूचना प्रोद्योगिकी के उपयोग से चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं अग्रणी भूमिका निभायेंगी।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तर पर कार्य कर रहा है। संस्थान द्वारा संचालित टेलिमेडिसिन सेवा, तकनीक आधारित ड्रोन मेडिकल सेवा, टेलि एजुकेशन और टेलि परामर्श सहित कई अन्य क्षेत्रों में डिजिटल तकनीक का उपयोग इसका उदाहरण है। इन्ही उद्देश्यों को लेकर संस्थान में टेलिमेडिसिन एण्ड बायोमेडिकल इन्फोरमेटिक विभाग द्वारा संचालित रीजनल रिसाॅर्स सेन्टर (सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर ए.आई.) और सेन्टर फाॅर एविडेन्स सिंथेसिस एण्ड पब्लिक पाॅलिसी सेन्ट्रल लाइब्रेरी के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया है। सम्मेलन में देश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा विशेषज्ञ स्मार्ट ई हेल्थ और ई लर्निंग विषय पर मंथन कर इसे बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं।

पहले दिन कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि केन्द्रीय परिवार और कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव मधुकर कुमार भगत ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में स्मार्ट ई हेल्थ और ई लर्निंग का बहुत महत्व है। उन्होंने भविष्य की दृष्टि से तकनीक आधारित डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को क्रांतिकारी कदम बताया।

श्री भगत ने स्मार्ट हेल्थ एण्ड ई लर्निंग इन हेल्थकेयर के लाभ गिनाए और इसके अन्तर्गत स्वास्थ्य योजनाओं की प्लानिंग एवं माॅनेटेरिंग, हाॅस्पिटल माॅनेटिरिंग सिस्टम, पब्लिक हेल्थ सोल्यूशन, सप्लाई चैन मैनेजमेन्ट, इमरजेन्सी रेस्पाॅन्स मैनेजमेन्ट और सिटीजन पोर्टल आदि में इसके उपयोग, महत्व तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि संचार क्रांति के युग में स्वास्थ्य क्षेत्र की यह तकनीक रोगियों को घर बैठे स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध करवा रही है।

इससे पूर्व एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक और कार्यशाला की आयोजन अध्यक्ष प्रो. मीनू सिंह ने संस्थान द्वारा संचालित सेेंटर ऑफ एक्सीलेंस की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने नेशनल मेडिकल काॅलेज नेटवर्क के तहत संस्थान द्वारा उपलब्ध करवायी जा रही ई लर्निंग एजुकेशन को फेकल्टी सदस्यों तथा मेडिकल छात्रों के लिए विशेष लाभकारी बताया। साथ ही ई हेल्थ के तहत संस्थान की ड्रोन आधारित मेडिकल सेवाओं, टेलि कसंलटेशन, आउटरीच सेन्टरों, टेलिफोलाॅअप और ई स्मार्ट लर्निंग के अन्तर्गत टेलिएजुकेशन और अन्य योजनाओं के लाभ गिनाए।

कार्यशाला में एम्स दिल्ली स्थित नेशनल रिसाॅर्स सेन्टर (एन.आर.सी.) के नोडल ऑफिसर और काॅर्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. अंबुज राॅय ने ई-लर्निंग फाॅर मेडिकल एजुकेशन और आई.आई.टी रूड़की की प्रो. दुर्गा तोशनिवाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) के उपयोग और स्वास्थ्य क्षेत्र में इसके महत्व पर व्याख्यान दिया।
सम्मेलन को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से आए डाॅ. पारूल नारंग, डाॅ. प्रदीप तोमर, डाॅ. अरूण सोलंकी, डाॅ. कमल किशोर और डाॅ. रविन्द्र खैरवाल आदि विशेषज्ञों ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में ए.आई एप्लिकेशन, प्रोडक्ट और सर्विसेज के बारे में व्यापक चर्चा के अलावा राउण्ड टेबल परिचर्चा के माध्यम से ई हेल्थ और ई लर्निंग का व्यापक उपयोग करने की बात कही गयी। इस दौरान डीन एकेडेमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, प्रो. शालिनी राव, कार्यशाला के आयोजन सचिव विनीत कुमार, सह आयोजन सचिव संदीप कुमार सिंह, डाॅ. विवेक सिंह मलिक, डाॅ. श्रीलोय मोहन्ती के अलावा संस्थान के फेकल्टी सदस्य व अधिकारीगण मौजूद रहे।

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