चमार वाल्मीकि महासंघ ने की दलित उत्पीड़न के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग
हरिद्वार, 26 अक्तूबर। चमार वाल्मीकि महासंघ ने सरकार देश में दलित समाज के उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है। कनखल स्थित बाल्मीकि आश्रम में आश्रम के महंत मानदास महाराज के सानिध्य और वरिष्ठ समाजसेवी रफलपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए चमार वाल्मीकि महासंघ के संयोजक भंवर सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में देश में अनुसूचित जाति समाज के लोगों पर अन्याय और अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने का प्रयास कर संविधान और देश का घोर अपमान किया गया। हरियाणा में आईपीएस पूरण कुमार के सुसाइड के बाद उनकी आईएएस पत्नी एवं परिवार का उत्पीड़न, रूद्रप्रयाग में शिक्षक विनोद कुमार को षड़यंत्र के तहत जेल भेजने, दलितों को पेशाब पिलाने, वर्षो पुरानी दलित बस्तियों को उजाड़ने, उत्तर प्रदेश में हरिओम वाल्मीकि की हत्या, रविदास धाम के अध्यक्ष पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेश कुमार पर जानलेवा हमले जैसी घटनाओं के बाद देश का दलित समाज अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। रफलपाल सिंह ने कहा कि दलित समाज के प्रति हो रही गंभीर घटनाओं के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए चमार वाल्मीकि महासंघ के बैनर पर 7 नवम्बर शुक्रवार को नगर निगम से सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा और राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया जाएगा।
बैठक में भानपाल सिंह रवि, राजेंद्र श्रमिक, नरेश चनयाना, आत्माराम बेनीवाल, एडवोकेट रूपचंद आजाद, एडवोकेट सचिन बेदी, राजेश छाछर, पूर्व ग्राम प्रधान श्याम सुंदर आदित्य, संजीव बाबा, जितेंद्र तेश्वर आदि ने घटनाओं की घोर निंदा करते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सभी बस्तियों में जोर शोर से प्रचार कर चमार वाल्मीकि महासंघ के बैनर पर ज्ञापन दिया जाएगा। वयोवृद्ध ओमपाल सिंह, रमेशचंद मिस्त्री, कलीराम, शिवकुमार तेश्वर, कन्हैया चंचल, सरोजपाल सिंह, मायाराम, महिपाल सिंह डोन, जुगनू कांगड़ा, मुकेश कुमार, चेतन राम आदि ने भी विचार व्यक्त किए। बैठक में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
2025-10-26













r4j565
Your point of view caught my eye and was very interesting. Thanks. I have a question for you. https://www.binance.com/sl/register?ref=I3OM7SCZ
Can you be more specific about the content of your article? After reading it, I still have some doubts. Hope you can help me.