हरिद्वार, 3 जुलाई। खड़खड़ी स्थित श्री निर्धन निकेतन आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्तों को आशीवर्चन प्रदान करते हुए आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी ऋषि रामकृष्ण महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा साक्षात श्री हरि की वाणी है। कथा कल्पवृक्ष के समान है। जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है। अन्य युगों में पुण्य प्राप्त करने के लिए जहां अनेकों यत्न करने पड़ते थे। कलयुग में श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से ही अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति हो जाती है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के प्रभाव से अंतःकरण में सात्विक विचारों का उदय होता है। जिससे जीवन आनंदमय और मंगलमय हो जाता है। परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि ईश्वर से बढ़कर कोई सुख संपदा नहीं है। श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण और मनन से कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। परम् कल्याणकारी श्रीमद् भागवत कथा के प्रभाव से अधोगति में पड़े पित्रों को भी मोक्ष की प्राप्ति होती है। अधोगति में पड़े धुंधकारी के भाई ने उसके कल्याण के लिए श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया। जिसके प्रभाव से धुंधकारी को प्रेत योनि से मुक्ति मिली और मोक्ष की प्राप्ति हुई।
कथा के मुख्य यजमान नरेंद्र कपूर परिवार, ट्रस्टी विजय सिंगला, जीवन गोयल, ज्ञानचंद व फकीरचंद ने भागवत पूजन किया और कथाव्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर स्वामी राजेंद्रानंद, भारत माता मंदिर के महंत स्वामी ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत मोहन सिंह, महंत दुर्गादास, महंत तीरथ सिंह, स्वमी शिवम महंत, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी दिनेश दास, स्वामी प्रेमानंद, स्वामी शिवानंद भारती सहित कई संत महंत और श्रद्धालु शामिल रहे।

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